Wednesday, 28 September 2016

सपने और अपने

कितनी अजीब सी बात है
जिन सपनो के पीछे हम भागते है
वो पूरा होने के बाद
एक बड़ी भीड़ हमारे साथ होती है
मगर वो नहीं होते
जिनके लिए हमने वो सपने पूरे किये
इसलिए समझ नहीं पाता हूँ
कि सपनो को छोड़ दूँ या अपनों को...असीम..

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